दोस्त जब छोड़ जाते हैं
याद बहोत आते हैं ।।
जात - पात वो कुछ ना जाने
धर्म भी वो कहां पहचाने ,
ना अमीर - गरीब वो माने
दोस्त बस दोस्ती ही जाने ।।
ये अनमोल रिश्ते दिल को बड़ा भाते हैं
दोस्त जब छोड़ जाते हैं
याद बहोत आते हैं।।
हर शर्त में साथ देना
गिर जाएँ तो हाथ देना
वो तो बस देना ही जानते हैं
दोस्त जब छोड़ जाते हैं
याद बहोत आते हैं ।।
जिम्मेवारी जब आ जाती है
सर्वस्व छोड़ना होता है,
ऐसे में यारों से भी
मुंह मोड़ना होता है ,
और जब कामयाब हम हो जाते हैं
तब दोस्त हमें कहां याद आते हैं ?
दोस्तों को न भुलाया करो
कुछ पल भी अगर मिल जाए
तो उनके पास जाया करो
कैसे हो दोस्त ?
पूछा करो और अपना भी हाल सुनाया करो
एेसे मौके कहां बार - बार आते हैं
दोस्त जब छोड़ जाते हैं
याद बहोत आते हैं ।।
थक हारकर जब अतीत को तुम झांकोगे
अपने सुनहरे पलों में इन्ही को तुम पाओगे
तब दोस्ती की अहमीयत जानोगे तुम
दोस्त क्या होते हैं पहचानोगे तुम।
खुशी में साथ देते हैं ,और दुख में हंसाते हैं
दोस्त जब छोड़ जातेे हैं,
याद बहोत आते हैं।।
दोस्त
Sunil Pandey
(C) All Rights Reserved. Poem Submitted on 04/13/2020
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