Who is Dhirendra Panchal

My self Dhirendra Panchal. I am from chandauli, varanasi, uttar pradesh . My qualification is B.tech. in civil engineering and my hobby is writing poetry....
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Dhirendra Panchal Poems

  • राम वनगमन
    कुछ समय बिता लो राम शाम अब होने वाली है ।
    कर लो थोड़ा विश्राम शाम अब होने वाली है ।

    ना जाने कहाँ से कब निकले , किस ओर तुम्हें है जाना । ...
  • चुनाव
    शासन अउर प्रशासन के फिर याद गाँव के आइल बा ।
    सबसे बड़का मुँहनोचवा ह फिर चुनाव में आइल बा ।

    चालू भइल पलग्गी जबरी दूनो बेला गाँव में । ...
  • तुम्हारी बस्ती में
    वो तो करने आएंगे आघात तुम्हारी बस्ती में ।
    हाथ जोड़कर बोलेंगे कुछ बात तुम्हारी बस्ती में ।
    जात पात सब भूल भुलाकर तुमको गले लगाएंगे ,
    बेचेंगे वो खड़े खड़े जज्बात तुम्हारी बस्ती में । ...
  • प्रतियोगी
    बेसुध पड़ी थी लाश तुम्हारी , मैं बैठा था कोने में ।
    डर लगता था भैया तेरे बिना अकेले सोने में ।
    कहाँ गए दिन चार हमारे चाय पे चर्चा नीली बत्ती ।
    दाल भात चोखा से चलती थी अपने जीवन की कश्ती । ...
  • मेरे बेटे ने
    छोड़ दिया है दामन मेरा मेरे बेटे ने ।
    दूर हो जाओ दोनों बोला मेरे बेटे ने ।

    जिसको राजा बेटा कहकर रोज बुलाते थे । ...
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Dhirendra Panchal Quotes

  • Be Ordinary in your life because you are an extraordinary person. ✍ Dhirendra Panchal
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Poem of the day

Bliss Carman and Richard Hovey Poem
Distillation
 by Bliss Carman and Richard Hovey

They that eat the uncrushed grape
Walk with steady heels:
Lo, now, how they stare and gape
Where the poet reels!
He has drunk the sheer divine
Concentration of the vine.


...

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