Who is Dhirendra Panchal

My self Dhirendra Panchal. I am from chandauli, varanasi, uttar pradesh . My qualification is B.tech. in civil engineering and my hobby is writing poetry....
Read Full Biography


Dhirendra Panchal Poems

  • साहब
    इन वर्दियों में कौन से धागे लगाते हैं ।
    गर्मियां वे बस गरीबों पर दिखाते हैं ।

    ठेलों से उठा लेते हैं वो अंगूर के दाने । ...
  • तेरे ख्वाबों के सहारे
    तेरे ख्वाबों के सहारे ,
    चलती कश्ती ये किनारे ,
    ऊपर से दरिया का पानी बेहिसाब ।
    अब तो मंजिल तुझको पाना , ...
  • नयका साल मुबारक
    बीत गयल जे बीते वाला साल तोहें मुबारक ।
    फिर से आयल नयका चुड़ा भात तोहें मुबारक ।

    फिर से आई खिचड़ी मंटर गोभी संग छउँकाई । ...
  • पता तुम्हारा
    सर्द हवाएँ मुझसे पूछेंगी क्या बोलूंगा ।
    पता तुम्हारा किस पन्ने पर लिख लिख भेजूँगा ।
    लिख दूंगा मैं तन्हा खाली यादें उनकी हैं ।
    दीवारों पे पहरा दिल की रातें उनकी हैं । ...
  • अरे राम रे राम
    खात गरीबी लात इहाँ हव ,
    चिक्कन खाली बात इहाँ हव ।
    प्रतिस्पर्धा जात क हउवे ,
    झगड़ा खाली भात क हउवे । ...
Read All Poems


Top 10 most used topics by Dhirendra Panchal

Observe 1 Bridge 1 Parent 1 Follow 1 Purity 1 Start 1 Fashion 1 Response 1 Capacity 1 Voice 1


Dhirendra Panchal Quotes

  • Be Ordinary in your life because you are an extraordinary person. ✍ Dhirendra Panchal
Read All Quotes


Comments about Dhirendra Panchal

Read All Comments

Write your comment about Dhirendra Panchal


Poem of the day

Sidney Lanier Poem
Tyranny.
 by Sidney Lanier

'Spring-germs, spring-germs,
I charge you by your life, go back to death.
This glebe is sick, this wind is foul of breath.
Stay: feed the worms.

'Oh! every clod
Is faint, and falters from the war of growth
And crumbles in a dreary dust of sloth,
...

Read complete poem

Popular Poets