Who is Sweta Rateria
loves expressing my flying thoughts in words...Read Full Biography of Sweta Rateria
Sweta Rateria Poems
- Naari Janam
पुछ रही एक नारी सबसे...
कौन हु मैं ,
पहचान मेरी क्या...
जिस घर मैने जनम लिया, ... - Raas Chandra
निस्तभ्द अन्धेरा काली राते और समा रुहानी है....
झिलमिल करते तारे झांके , कोहरे की ओठ से..
घूँघट ओढे चाँदनी की, जब झूले चन्दा अम्बर पे...
नजर उतारे बादल भी कारे, बहती पवन के झोखे से... ...