ज़िन्दगी
जिंदगी को गहराई से
समझना चाहा,
तो सवाल ये उठा कि —
क्या ज़िन्दगी
पैदा होने से लेकर
पढ़ाई करने,
नौकरी लेने,
शादी करने,
बच्चे पैदा करने,
और मर जाने तक का नाम है ?
या फ़िर इस ज़िन्दगी का
इन सबसे हटकर भी
कोई और काम है ?
इस सवाल के जवाब में
उत्तर सिर्फ़ इतना मिला कि —
रोज़ सुबह जागकर, नहाना, खाना
कमाना, सो जाना
और इसी प्रक्रिया को
प्रतिदिन दोहराना ।
दरअसल इस दुनिया का परम सत्य यही है,
इसके अलावा जिंदगी कुछ और नहीं है ।
— सूर्या
Surya Prakash Sharma
(C) All Rights Reserved. Poem Submitted on 05/30/2024
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