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भागकर जाओगे कहाँ ?

Sunil Pandey

भागकर जाओगे कहाँ , दुनिया बहोत बड़ी है,
रूक जा , ठहर जा !
देख सामने तेरी मंजिल खड़ी है ।

पर ये मंजिल है ,ऐसे नहीं मिलेगी
तुझे लड़ना होगा ,
जरूरत पड़े तो अपनों से झगड़ना होगा,
तु रूकेगा नहीं
तो झुकेगा नहीं।
कानों को बंद कर ले अपने,
लोग कहें गे तुझसे होगा नहीं
पर कर्मपथ पर चलता जा
देख अब सब होगा सही।

जब निकलेगा तु मंजिल को
तो खुद से वादा कर लेना
मंजिल पाकर ही लौटुंगा
खुद को ये बस कह देना ।

पर कहने से कुछ होगा नहीं
दृढ़ संकल्प होकर तुम चल देना
आएँगी कठिनाइयाँ बड़ी
कठिनाइयों को तुम कुचल देना

गिरना ,पड़ना ,उठना , सम्भलना
सफलता का ये आधार है,
दूर नहीं अब मंजिल तुझसे
तेरा हर सपना साकार है ।

भागकर जाओगे कहाँ, दुनिया अब भी बहोत बड़ी है,
मगर तु अपनी मंजिल पे है, और दुनिया पिछे खड़ी है ।।

(C) Sunil Pandey
04/12/2020


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