माता-पिता भगवान का रूप होते है,
अँधेरे में छाए हुए किरणों वाली धूप होते है।
संतान को प्यार से पालना,
उनकी इच्छाओं को सँभालना,
उन्हें खूब आता है
इसलिए तो वो अपने संतान के सुखदाता है।
खुद उनपर दुखों की बारिश होती है,
पर फिर भी उनकी संतान खुश रहें
बस यही उनकी गुज़ारिश होती है।
चेहरा उनका खिल जाता है,
जब उनकी संतान नाम कमाता है।
उनको कभी अकेला छोड़ मत देना,
अंजान बनकर उनसे मुँह मोड़ मत लेना।
आखिर उनके जितना तुम्हें कोई प्यार कर नही सकता,
तुम्हें खुश देखने के लिए कोई उनकी तरह बेवजह मर नही सकता