internetPoem.com Login

Lambi Raat

Nitin Goyal

ये रात ना कटे ना काटी जाऐ
हर लम्हा बस‌ तेरी ही कमी खल जाऐ
जब भी कुछ सोचू तो तेरा ही चेहरा सामने आऐ
जब भी कुछ मांगू तो तेरा ही नाम दुआ में आऐ
अब बस यही गुजारिश है मेरी तूझसे ऐं खुदा
या तो रख दे उस चांद को मेरी हथेली में
या लेले हमारी सांसें इसी पल में
क्योंकि अब ये दूरी हमसे सहीं ना जाऐ
ये रात ना कटे ना काटी जाऐ

(C) Nitin Goyal
07/02/2019


Best Poems of Nitin Goyal