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आज वो मिला मुझे

Neha Tiwari

आज वो मिला मुझे
उस अद्भुत प्रांगण में जहाँ
मर्यादा की सीमाओं में बंधे रहते हैं अंतर्मन
उस उन्मुक्त वातावरण में मौन संवाद
की ही गुंजाइश रही,
जो निश्चित समय के पश्चात समाप्त हो गई

समय था मध्याह्न भोजन का जिसमें समय
मिला मुझे उनके निश्छल नेत्रों से
हृदय दर्शन करने का
कुछ क्षण संवाद के पश्चात वियोग श्रृंगार ने
अपना प्रभाव दिखाया
पूरे वातावरण में फैली प्रेम की अद्भुत, अकथनीय
भाव का आभास कराया,
हमने भी मौन संवाद में ही मुलाकात करी,
नेत्रों ही नेत्रों में सैंकड़ों बात कही..

(C) Neha Tiwari
01/03/2021


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