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जिदंगी

Jyoti Singh

जिदंगी तुझे बस इतना ही जाना है,,
दर्द में अकेले और खुशियों में जमाना है,,

यहाँ किसने किसका साथ निभाना है?
जिदंगी एक दिन तुझे भी छोड़ जाना है..!

कुछ बनना है कुछ करना है
सबने यही ठाना है...
बडे बडे सपनों का
सजाया खजाना है..!


मेरा तेरा करने वालों
तुम्हे इस दुनिया से क्या लेकर जाना है?

सबका एक ही घर
बस एक ही ठिकाना है...
जिदंगी का सफर बस यहीं तक है यारों
सबने एक दिन शमशान ही जाना है .!

सबकुछ यहीं रखा रह जाना है,,
जिदंगी चार दिन की है ,,,
हँसी खुशी जी लो यारों...
खाली हाथ आए थे,,
खाली हाथ चले जाना है...!!

(C) Jyoti Singh
04/24/2020


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