Motivational Poem " अपराजित इंसान"

एक बार जो हमने सोचा उसे कर के दिखाना है ,
आए है इस दुनिया में तो कुछ करके ही जाना है !

कोई भी काम आसान नहीं ये हमने भी जाना है ,
हर कदम पर आती है परेशानियां ये हमने भी माना है!!
अब लक्ष्य को पाने के लिए हमें भी लगन लगना है ,
जो ज्ञान हमारे पास है उसे ही आधार बनाना है!!!

आए है इस दुनिया में तो..........

दूसरों की बिना सुने बस अपनी ही करते जाना है,
अब सोच लो और जान लो अपने आप को पहचान लो
तुम हो वहीं इसान जिसने
सारे काम आसन बनाया है !!!!
उड़ना तो बस सपना था ,
तुमने उड़ के दिखाया है!!!!

आए है इस दुनिया में तो ............

तेरे अन्दर जो आग है ,अब उसे जलाना है ,
सारे प्रतिद्वंदियों को अब हमें नीचा दिखाना है!!!
कुछ नया कर के अब हमें कीर्तिमान बनाना है,
जो सोचते बस है सभी
उसको भी करके दिखाना है!!!

जब आए है इस दुनिया में तो .............

तू क्या नहीं कर सकता है
कभी इसको भी जाना है ,
तो है वहीं इंसान जिसने ना कभी हार माना है!!!
देखते है सपना सभी लेकिन
तुझे सच कर दिखाना है,
कुछ करके तो अभी तुझे मां बाप का मान बड़ाना है!!!

आए है इस दुनिया में तो कुछ करके ही जाना है,
कुछ करके ही जाना है!!!!¡!


-by ShivRaj

Shiv Raj
(C) All Rights Reserved. Poem Submitted on 05/18/2020 The copyright of the poems published here are belong to their poets. Internetpoem.com is a non-profit poetry portal. All information in here has been published only for educational and informational purposes.